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वेब होस्टिंग क्या है, और आप इसे कहां से खरीद सकते हैं ?

आज मैं आप सभी को  वेब होस्टिंग क्या है [ What Is Web Hosting ] के बारे में बताने जा रहा हूं कि आप कैसे WEB HOSTING खरीद कर अपना खुद का एक वेबसाइट बना सकते हैं। आज के समय में खुद का एक वेबसाइट( WEBSITE ) होना एक बहुत ही बड़ी बात है, लेकिन वेबसाइट बना तो बहुत सारे लोग लेते हैं लेकिन उसको Maintain कर पाना सबके बस की बात नहीं होती है इसके लिए आपको एक प्रॉपर नॉलेज की आवश्यकता होती है।

एक वेबसाइट बनाने के लिए आपको बहुत सारी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है, जैसे कि डोमेन और वेब होस्टिंग। इन दोनों चीजों से आपके वेबसाइट को पहचान मिलती है।

लेकिन जिन्होंने अभी-अभी ब्लॉगिंग ( Blogging ) शुरू ही किया है, और उन्हें होस्टिंग ( Hosting ) का अर्थ पता ही नहीं होता है और इसके कारण वह अपने जरूरत के हिसाब से एक गलत होस्टिंग ( Hosting ) को शुरुआती दौर में ही चुन लेते हैं। जिसके बाद उन्हें काफी परेशानियां झेलनी पड़ती है जिसके वजह से वह फिर इस फील्ड से ही दूर हो जाते हैं।

इसलिए आज मैं आपको इस पोस्ट के जरिए होस्टिंग क्या है( What is web hosting ? ) इसका मतलब समझा दूंगा, और यह होती कितनी प्रकार की है ताकि जब आप अपनी वेबसाइट बनाने के बारे में सोचें तो आप शुरुआती दौर में सही होस्टिंग का चयन कर सके।

What is INTERNET ? [ इंटरनेट क्या होता है। ]

अनुक्रम छुपाएँ

अब आप यह सोच रहे होंगे कि मैं इंटरनेट (Internet) के बारे में आपको क्यों जानकारी दे रहा हूं, तो Hosting की सेवा को समझने से पहले आपको यह जानना बहुत ही जरूरी है कि इंटरनेट होता क्या है। (Internet)इंटरनेट एक दूसरे से जुड़े कई कंप्यूटर या फिर सरवर का एक जाल है, जो दुनिया में किसी भी कंप्यूटर को आपस में जोड़ता है।

आसान शब्दों में !

यह सूचनाओं के आदान प्रदान करता है जैसे की ICP / PROTOCOL के माध्यम से 2 कंप्यूटरों के बीच में संबंध स्थापित करने को इंटरनेट कहते हैं। इंटरनेट दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है।

तो अब आप यह सोच रहे होंगे कि अगर आपका कंप्यूटर(Computer) या फिर एक सर्वर (Server) एक दूसरे से जुड़ा होता है और इसे तो सभी लोग देख पाते हैं तो ऐसा नहीं होता है हर कंप्यूटर और मोबाइल या फिर सरवर में एक प्राइवेसी और सिक्योरिटी रहता है जिसके चलते इसे दूसरे लोग एक्सेस नहीं कर पाते हैं अगर आप इसी सिक्योरिटी को हटाकर पब्लिक एक्सेस दे देते हैं तो हर कोई आपका कंप्यूटर या फिर आप के कंटेंट को देख पाता है।

तो चलिए अब जान लेते हैं कि वेब होस्टिंग होता क्या है।

WHAT IS WEB HOSTING IN HINDI ?

( Web Hosting) वेब होस्टिंग आपके वेबसाइट को इंटरनेट में जगह प्रदान करता है इसकी वजह से किसी भी व्यक्ति या फिर Organization के वेबसाइट को पूरी दुनिया में देख सकती है। अगर उसमें प्राइवेसी नहीं है सिक्योरिटी नहीं है तो उसे एक्सेस कर सकती है। यहां पर मेरा जगह देने का मतलब यह है कि आपने अपनी वेबसाइट में जो भी ( Files, Videos, images )फाइल्स इमेजेस वीडियोस आदि जहां पर अपलोड होते हैं उसको ही वेब सर्वर कहते हैं।

सर्वर जो होते है वह हर वक्त 24 * 7 इंटरनेट से कनेक्टेड होती है। आज के समय में वेब होस्टिंग बहुत सारी कंपनियां प्रदान करती हैं जैसे की GODADDY, HOSTINGER, HOSTGATOR, BLUEHOST ETC..

FOR EXAMPLE :

जैसे कि मान लीजिए आपके पास एक मोबाइल फोन है तो मोबाइल फोन को यहां हम एक डोमिन( Domain ) मान लेते हैं और उसमें जो स्टोरेज है उसे हम एक Web Hosting मान लेते हैं। तो अब आपके मोबाइल में अगर 30GB का स्टोरेज है, अब आप जो भी PHOTOS, VIDEOS कैप्चर करेंगे वो आपके फोन के मेमोरी में SAVE रहेंगी। वैसे ही जब आप अपने DOMAIN को एक होस्टिंग खरीद कर एक दूसरे से कनेक्ट करते हैं तो DOMAIN वहां पर मोबाइल का काम करता है और होस्टिंग उसमे आप जो भी डाटा अपलोड करते हैं उसको स्टोर करने का काम करता है।

या फिर हम यह भी कह सकते हैं कि हम अपनी वेबसाइट को दूसरे हाई पावर्ड कंप्यूटर या फिर सर्वर में स्टोर करने के लिए किराया देते हैं जैसे कि हम किसी अनजान के घर में रहने के लिए रेंट देते हैं ठीक उसी तरह।

वेब होस्टिंग और डोमेन में क्या अंतर होता है ?

( WHAT IS DIFFERENT BETWEEN DOMAIN AND WEB HOSTING ? )

आपको बता दें कि Web Hosting और Domain दोनों दो अलग-अलग चीजें हैं लेकिन कई सारे कंपनी ऐसी होती है जो Domain और Hosting दोनों को बेचती है उदाहरण के लिए Godaddy यह दुनिया का सबसे बड़ा डोमेन रजिस्टर्ड है लेकिन यह डोमेन के अलावा होस्टिंग की सुविधा भी यूजर्स को प्रदान करती है। और यही एक वजह है कि नए ब्लॉगर डोमेन और होस्टिंग में कंफ्यूज हो जाते हैं। अगर हम आसान शब्दों में कहें तो।

एक डोमेन नेम(Domain Name) आपके घर के एड्रेस की तरह है जबकि एक वेब होस्टिंग ( web hosting ) आपके घर के कमरे हैं जहां आप अपना सामान रखते हैं।

यहां पर आपका जो एड्रेस ( Address )है वह डोमेन नेम होता है और वही आपके वेबसाइट में जो भी डाटा स्टोर होती हैं वह कंप्यूटर का हार्ड डिस्क मेमोरी आदि उपयोग होता है उसे वेब होस्टिंग कहा जाता है।

वेब होस्टिंग काम कैसे करता है। ( How Web Hosting work ? )

जब हम अपनी वेबसाइट को बनाते हैं तो हम यही चाहते हैं कि हम अपनी वेबसाइट में Knowledge की चीजें हैं या फिर Information लोगों के साथ बांट सके उसके लिए हम अपने फाइल को अपलोड करते हैं जैसे कि हमें जो भी कंटेंट लिखा है हमारे पास जो भी फोटो हैं उसे हम अपने वेब होस्टिंग पर अपलोड करते हैं।

ऐसा कर लेने के बाद जब कोई भी यूजर अपने Web Browser जैसे कि Mozila Firefox, Google Chrome, Opera Menu में आपका डोमेन नेम टाइप करता है। जैसे कि मान लीजिए आपने हमारा डोमेन नेम टाइप किया https://technicalharsh.com/ फिर उसके बाद इंटरनेट आपको डोमेन नेम को उस वेब सर्वर से जिससे वह डोमेन कनेक्ट है उसे जोड़ देता है और आपने अपनी वेबसाइट पर जो भी फाइल को स्टोर कर रखा है उसे जो भी यूजर आपके डोमेन नेम को टाइप करता है उसे आसानी से वह Information प्राप्त हो जाता है।

बात करें Domain Name की तो डोमेन Name को होस्टिंग से जोड़ने के लिए DNS ( DOMAIN NAME SYSTEM ) की आवश्यकता पड़ती है। आपको यह बता दें कि हर वेब सर्वर या फिर हर एक वेब होस्टिंग कंपनी का DNS अलग – अलग होता है तो इससे यह पता चलता है कि आपने अपने डोमेन को किस होस्टिंग से कनेक्ट कर रखा है।

अब बात कर लेते हैं कि वेब होस्टिंग कहां से खरीदें और खरीदते टाइम किन-किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए।

( From where to buy web hosting ? )

अभी के समय में ऐसी बहुत सारी कंपनियां हैं जो कि बेहतर से बेहतर होस्टिंग की सेवा Provide करती हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपके सारे विजिटर इंडिया से ही है तो आपको इंडिया से ही होस्टिंग खरीदना बेहतर होता है अगर आप किसी बाहरी कंपनी से एक होस्टिंग खरीद लेते हैं तो फिर वह server आपके Country से जितना दूर रहेगा Website को एक्सेस करने में यूजर को उतना ही समय लगेगा।

अगर आप किसी भी भारतीय कंपनी से वेब होस्टिंग खरीदते हैं तो उसके लिए आपको ना ही क्रेडिट कार्ड की जरूरत पड़ेगी। आप अपने एटीएम कार्ड या फिर इंटरनेट बैंकिंग या फिर यूपीआई के जरिए किसी भी कंपनी से होस्टिंग खरीद सकते हैं और आसानी से अपने डोमेन नेम के साथ उसे जोड़ सकते हैं। नीचे आपको कुछ वेबसाइट का नाम मिलेंगे जो कि Trusted Website में आते हैं और एक अच्छा सर्विस प्रदान करता है।

  • Godaddy
  • Hostgator
  • Hostinger
  • Big rock
  • Namecheap

होस्टिंग खरीदते समय किन किन चीजों का ध्यान रखें।

जैसा कि मैंने पहले भी बताया है कि वेब होस्टिंग( Web Hosting) खरीदने के लिए आपके पास बहुत सारे विकल्प है, पर आपको यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि आपको अपने जरूरत के हिसाब से कौन सी ऐसे सही कंपनी हैं जहां से आपको होस्टिंग खरीदना चाहिए और उसको खरीदने के लिए क्या-क्या जानकारियां होनी जरूरी है।

डिस्क स्पेस ( DISK SPACE )

डिस्क स्पेस आपके होस्टिंग में स्टोरेज की कैपेसिटी को बताता है जैसे कि अगर आप अभी जो फोन यूज कर रहे हैं वह 16GB का है या फिर 32GB का है या फिर 128 जीबी का है तो उसी तरह होस्टिंग में भी एक स्टोरेज होता है हो सके तो यह अनलिमिटेड डिस्क स्टोरेज वाला होस्टिंग हो या फिर 3GB वाला स्टोरेज हो।

बैंडविथ ( BANDWIDTH )

आप अपनी वेबसाइट में प्रति 1 सेकंड में कितने डाटा को एक्सेस कर सकते हैं उसे हम Bandwidth कहते हैं जब कोई आपका वेबसाइट को एक्सेस कर रहा होता है तो आपकी Server कुछ डाटा को यूज करके उसे इंफॉर्मेशन शेयर करता है अगर आपका बैंडविथ कम है और आपकी वेबसाइट पर ज्यादा विजिटर एक्सेस करते हैं तो तुरंत ही आपका वेबसाइट डाउन हो जाता है। तो इस स्थिति में आप परेशान हो जाते हैं इसमें परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है हमेशा यह ध्यान रखें कि होस्टिंग लेते समय बैंडविथ कितना मिल रहा है उसे देख कर ही होस्टिंग खरीदें।

अपटाइम ( UPTIME )

अपटाइम का मतलब यह है कि आपकी वेबसाइट कितने समय के लिए ऑनलाइन है उसे uptime कहते हैं। कभी कुछ प्रॉब्लम के कारण अगर आपका वेबसाइट डाउन हो जाता है या फिर उसे यूजर को खोलने में परेशानी होती है आपका बैंडविथ कम होता है और यूजर एक्सेस ज्यादा होता है तो उस कंडीशन में आपका वेबसाइट डाउन हो जाता है तो इसे डाउनटाइम ( Downtime ) कहते हैं लेकिन आज के समय में हर कंपनी 99.99% अब टाइम के गारंटी के साथ Hosting प्रोवाइड करती है।

कस्टमर सर्विस (Customer Service )

हर होस्टिंग कंपनी ऐसा दावा करता है कि वह 24 * 7 सपोर्ट प्रदान करता है पर मैंने जितने भी होस्टिंग को यूज किया है आज तक किसी होस्टिंग प्रोवाइडर नेटवर्क 24*7 सपोर्ट प्रदान नहीं किया है। हां कुछ ऐसी कंपनियां हैं जैसे कि होस्टगेटर आपको 24 * 7 सर्विस प्रदान करता है, और GoDaddy की तो कस्टमर सर्विस ऐसी है कि अगर आपको कोई भी दिक्कत आती है तो आप डायरेक्टली उनके कस्टमर केयर हेल्पलाइन नंबर को डायल करके उनके कस्टमर केयर सपोर्ट से बात कर सकते हैं।

वेब होस्टिंग कितने प्रकार के होते है ? ( Types of Web Hosting ? )

अब आपने यह जान लिया कि वेब होस्टिंग क्या होता है। ( WHAT IS WEB HOSTING ? ) और वह काम कैसे करता है तो अब आप को हम यह बताने वाले हैं कि वेब होस्टिंग कितने प्रकार की होती है और आज के समय में कौन सी वेब होस्टिंग को सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है।

1. SHARED HOSTING
2. VPS ( VIRTUAL PRIVATE SERVER )
3. DEDICATED HOSTING
4. CLOUD HOSTING
5. RESELLER HOSTING
6. WORDPRESS HOSTING

SHARED HOSTING

इसको एक एग्जांपल के तौर पर समझते हैं जैसे कि आप 12TH करने के बाद अपने स्टेट से किसी दूसरे स्टेट में पढ़ने के लिए जाते हैं, और वहां पर आप किसी हॉस्टल में रहते हैं और आपके साथ उसी हॉस्टल के कमरे में कुछ और लोग रहते हैं तो आप अपना कमरा और लोगों के साथ शेयर करते हैं ठीक उसी तरीके से शेयर्ड होस्टिंग भी काम करती है।

शेयर्ड वेब होस्टिंग ( SHARED WEB HOSTING ) में एक ही SERVER होता है जहां पर हजारों वेबसाइट अपलोडेड होते हैं और यह सारे फाइल्स एक ही कंप्यूटर में स्टोर हो रहे होते हैं इसलिए इनका नाम शेयर्ड रखा गया है।

यह होस्टिंग उन लोगों के लिए अच्छा है जिन्होंने शुरुआती दौड़ में अपने वेबसाइट बनाई है। यह होस्टिंग काफी सस्ती होती है और इस होस्टिंग में आपको तब तक मुसीबत नहीं झेलनी पड़ती है जब तक आपकी वेबसाइट को लोग जानने नहीं लगते हैं एक बार जब विजिटर बढ़ने लगता है तब आपको होस्टिंग चेंज करने की जरूरत पड़ जाती है।

मान लीजिए कि आपने एक शेयर्ड होस्टिंग( SHARED HOSTING ) ले रखा है और अचानक से आपके वेबसाइट में USER बढ़ जाते हैं तो इसके चलते जितने भी उस SERVER पर बाकी वेबसाइट हैं वह SLOW हो जाते हैं और उनको खोलने में काफी वक्त लग जाता है। यह इस वेब होस्टिंग की सबसे बड़ी डिमैरिट ( DEMERIT ) है शेयर्ड होस्टिंग का इस्तेमाल ज्यादातर नए ब्लॉगर्स करते हैं इसमें बहुत सारे यूजर एक ही सिस्टम का CPU और RAM इस्तेमाल करते हैं।

शेयर्ड होस्टिंग के क्या फायदे हैं। BENEFITS OF SHARED HOSTING

• इस होस्टिंग को इस्तेमाल करना काफी आसान होता है
• किसी भी नए ब्लॉगर के लिए यह होस्टिंग काफी बेहतर ऑप्शन माना जाता है।
• इसकी कीमत बहुत ही कम होती है इसलिए भी यह बेहतर माना जाता है।
• इसका कंट्रोल पैनल बहुत ही यूजर फ्रेंडली होता है और नए लोग भी इसे आसानी से समझ सकते हैं।

शेयर्ड होस्टिंग के क्या नुकसान होते हैं। DEMERITS OF SHARED HOSTING

• इस होस्टिंग में आपको बहुत ही लिमिटेड रिसोर्सेज को एक्सेस करने को मिलेगी।
• इसमें SERVER को दूसरे के साथ शेयर करना पड़ता है इसके चलते इसके परफॉर्मेंस में हमेशा थोड़ा सा ऊपर नीचे होते रहता है।
• इसकी सिक्योरिटी ( SECURITY )भी उतनी खास नहीं होती है
• सस्ती होने के कारण सभी कंपनियां इसमें ज्यादा सपोर्ट प्रदान नहीं करती है।

VPS ( VIRTUAL PRIVATE SERVER )

VPS होस्टिंग एक होटल के रूम की तरह होता है आप उस रूम में रहते तो हैं लेकिन आपका किसी भी चीजों पर हक नहीं होता है इसमें और किसी का भी शेयरिंग भी नहीं होता है। VPS होस्टिंग में विजुअल लाइजेशन टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाता है जिसके चलते एक स्ट्रांग और सिक्योर सर्वर को वर्चुअल अलग हिस्सों में डिवाइड करके यूजर को दिया जाता है।

जैसे Customer की डिमांड होती है उसी प्रकार से अलग-अलग कस्टमर के अकॉर्डिंग रिसोर्सेज को उनको दिया जाता है इससे होस्टिंग में आपको किसी दूसरे के साथ शेयर नहीं करना पड़ता है और यह आपकी वेबसाइट की परफॉर्मेंस और सिक्योरिटी के लिए बेस्ट होता है।

Vps सर्वर थोड़ा कॉस्टली होता है और इसे ज्यादा विजिटर वाली साइट्स के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

VPS होस्टिंग के क्या फायदे होते हैं ? BENEFITS OF VPS HOSTING ?

• इस होस्टिंग में आपको अच्छी परफॉर्मेंस और सिक्योरिटी प्राप्त होती है।
• इसमें एक डेडीकेटेड होस्टिंग की तरह आपको फुल कंट्रोल प्राप्त होती है
• इसमें आपको ज्यादा flexibility मिलता है आप इसे अपने हिसाब से कस्टमर कर सकते हैं अपने हिसाब से आप इसमें मेमोरी बैंडविथ बदल सकते हैं।
• डेडिकेटेड होस्टिंग की तुलना में यह ज्यादा कीमती नहीं होता है जिसके कारण अगर किसी भी वेबसाइट में अचानक से ट्रैफिक बढ़ जाती है तो लोग इसे खरीद सकते हैं।
• शेयर्ड होस्टिंग के मुताबिक इसमें उससे अच्छा कस्टमर सपोर्ट प्रदान किया जाता है।

VPS होस्टिंग के नुकसान क्या क्या होते हैं. ( DEMERIT OF VPS HOSTING ? )

• डेडीकेटेड होस्टिंग की तुलना में इसमें आपको कम रिसोर्सेज प्रदान किया जाता है।
• VPS सर्वर को यूज करने के लिए आपको टेक्निकल नॉलेज का होना बहुत ही जरूरी है

DEDICATED HOSTING

जैसे कि हमने देखा था कि शेयर्ड होस्टिंग में एक ही SERVER पर बहुत सारे लोग होते हैं यह ठीक उसके विपरीत है इसमें एक व्यक्ति का अपना बहुत बड़ा घर होता है और उसमें किसी को रहने की इजाजत नहीं होती है और उस घर की सारी जिम्मेदारी उस व्यक्ति को ही उठाने होती है ठीक इसी तरह DEDICATED होस्टिंग काम करता है।

DEDICATED HOSTING में जो भी सरवर होते हैं वह सिर्फ एक ही वेबसाइट के फाइल्स को स्टोर करके रखता है तो इसका मतलब यह होता है कि इतने बड़े सरवाड़ में अगर आपकी एक वेबसाइट का फाइल हो तो आपका साइट काफी फास्ट होता है और इसमें शेयरिंग नहीं होता है और यह होस्टिंग काफी महंगी होती है क्योंकि इसका पूरा किराया केवल एक ही व्यक्ति को भरना पड़ता है।

जिन वेबसाइट पर हर महीने करोड़ों यूजर्स आते हैं उनके लिए यह होस्टिंग सबसे बेस्ट होता है। जैसे कि सारे बैंकिंग सेक्टर जो होते हैं वह सारे डेडिकेटेड होस्टिंग पर होते हैं साडे इकॉमर्स साइट्स जैसे कि फ्लिपकार्ट अमेजॉन सब डेडीकेटेड होस्टिंग का इस्तेमाल करती हैं।

डेडीकेटेड होस्टिंग के क्या-क्या फायदे होते हैं। ( Benefits Of DEDICATED HOSTING ? )

• इसमें यूजर को Server के ऊपर पूरा कंट्रोल दिया जाता है।
• सभी Hosting की तुलना में इसमें सिक्योरिटी सबसे ज्यादा होती है।
• यह सबसे स्टेबल होस्टिंग माना जाता है।
• इसमें यूजर को फुल रूट Owner एक्सेस प्रदान किया जाता है।

डेडिकेटेड होस्टिंग के क्या क्या नुकसान होते हैं। ( Demerits of DEDICATED HOSTING ? ) 

• यह सभी होस्टिंग की तुलना में सबसे महंगा होता है।
• इसे कंट्रोल करने के लिए आपके पास सरवर का नॉलेज होना बहुत ही जरूरी होता है।
• अगर आपके पास टेक्निकल नॉलेज नहीं होती है तो आप इसमें खुद के प्रॉब्लम को सॉल्व नहीं कर सकते हैं जिसके चलते आपको किसी टेक्नीशियन को हायर करना पड़ता है।

CLOUD HOSTING

क्लाउड होस्टिंग एक ऐसा प्रकार का होस्टिंग होता है जो कि दूसरे Server के रिसोर्सेज का इस्तेमाल करता है। इसका मतलब यह है कि आपकी वेबसाइट दूसरे सरवर के वर्चुअल रिसोर्सेज का इस्तेमाल करती है और Hosting से जुड़ी सभी चीजों को पूरी करती है।

यहां पर आपके वेबसाइट को लोड को बैलेंस किया जाता है और साथ ही में सिक्योरिटी का भी खासा ध्यान रखा जाता है। इस Server को कहीं पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है और क्लस्टर ऑफ Server को ही क्लाउड कहते हैं।

क्लाउड होस्टिंग के क्या-क्या फायदे होते हैं।( Benefits of Cloud Hosting ?)

• क्लाउड सर्वर का डाउन होने का चांसेस बहुत ही कम होता है क्योंकि सभी चीजें क्लाउड में उपलब्ध होती हैं।
• क्लाउड Server बड़े-बड़े हाई ट्रैफिक वेबसाइट को भी इसली हैंडल कर सकता है।

क्लाउड सर्वर के क्या क्या नुकसान होते हैं। (Demerits of CLOUD SERVER ?) 

  • इसमें आपको रूट एक्सेस की सुविधा डेडीकेटेड होस्टिंग जैसे प्रदान नहीं की जाती है।
  • बाकी होस्टिंग की तुलना में यह होस्टिंग थोड़ा महंगा होता है।

हमें अपनी वेबसाइट के लिए किस प्रकार की वेब होस्टिंग लेनी चाहिए।

यह निर्भर आपकी वेबसाइट पर करता है कि आपकी साइट कितनी बड़ी है अगर आपने अभी शुरुआत किया है और आपके साइट पर कम ट्रैफिक है तो आप शेयर्ड होस्टिंग ( Shared Hosting ) के साथ जा सकते हैं और अगर आपकी साइट बड़ी है लाखों में ट्रैफिक है तो आपको VPS
के साथ या फिर डेडीकेटेड के साथ या फिर क्लाउड होस्टिंग के साथ जा सकते हैं।

इस पूरी आर्टिकल को पढ़कर आज आपने क्या सीखा ?

मुझे पूरी उम्मीद है कि आज मेरे द्वारा लिखा गया आर्टिकल यह वेब होस्टिंग क्या है ? आपको जरूर पसंद आई होगी। मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है कि मैं अपने READERS को जिस भी आर्टिकल के बारे में बताऊं उस से रिलेटेड उसमें पूरी जानकारी प्रदान कर सकूं।

अगर आप को दी गई जानकारी में कोई भी डाउट है या आप चाहते हैं कि इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तो आप नीचे कमेंट में लिख सकते हैं। और अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो या फिर आपको इस पोस्ट से कुछ सीखने को मिला हो तो आप इस पोस्ट को अपने सोशल नेटवर्क जैसे कि (Facebook, Twitter) फेसबुक टि्वटर पर शेयर कर सकते हैं।

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